भागलपुर, सितम्बर 19 -- प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज/मुद्दसिर नजर कटिहार के बारसोई प्रखंड का सीमावर्ती इलाका हर साल बाढ़ और कटाव की मार झेलता है। जर्जर सड़कें, बिजली की कमी, अस्पताल में डॉक्टर का अभाव और अधूरी शिक्षा व्यवस्था यहां के लोगों की जिंदगी को और भी कठिन बना देती है। खेत-खलिहान तबाह होने से रोजगार के साधन खत्म हो जाते हैं और हजारों परिवार मजबूरन पलायन करने लगते हैं। सरकारी योजनाएं अब तक कागजों पर ही अटकी पड़ी हैं। गांवों में न मूलभूत सुविधाएं पहुंच पा रही हैं, न ही लोगों की परेशानियां कम हो रही हैं। बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है, बीमारों को समय पर इलाज नहीं मिलता और किसानों की मेहनत हर साल बाढ़ की लहरों में बह जाती है। कटिहार जिले का बारसोई अनुमंडल, जो बिहार-बंगाल की सीमा से सटा हुआ इलाका है, आज भी विकास की बुनियादी सुविधाओं से वंचित ...
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