भागलपुर, मई 29 -- वर्ष 2007 से कटिहार जिले में शुरू किये गये ओबीसी कल्याण बालक छात्रावास में नामांकन के लिए छात्रों के बीच आज भी मारामारी की स्थिति है। सौ सीटों वाले इस छात्रावास में रह पढ़ाई करने के लिए छात्रों के आवेदन हर साल लगभग 200-250 आते हैं। ऐसे में विभाग को सौ छात्रों को लेने की मजबूरी के कारण हर सेशन में मात्र 20 से 25 बच्चों को ही सीट मिल पाता है। शेष छात्रों के आवेदन की विभागीय मापदंड के आधार पर छंटनी करनी पड़ती है। इससे अन्य छात्र नामांकन से वंचित और निराश हो जाते हैं। ऐसे में प्रति वर्ष ओबीसी छात्रावास में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों का बड़ा तबका आवासीय उच्च शिक्षा से वंचित हो जाता है। जिले के छात्रों ने इस समस्या को देखते हुए सौ से अधिक सीटों वाले एक और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास निर्माण की आवश्यकता जताई है। 01 सौ सीट उपल...
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