भागलपुर, फरवरी 21 -- -प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज, मोना कश्यप उच्च शिक्षा की उम्मीद लेकर पूर्णिया विश्वविद्यालय में पीजी में नामांकन लेने वाले छात्र-छात्राएं आज बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में कई महत्वपूर्ण विषयों-ज्योग्राफी, सोशियोलॉजी, म्यूजिक और होम साइंस में पीजी की पढ़ाई ही उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन विषयों के स्नातक छात्रों को मजबूरन दूसरे विश्वविद्यालयों का रुख करना पड़ता है या पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है। जो विषय संचालित हो रहे हैं, वहां भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। छात्रों का कहना है कि एक सेमेस्टर पूरा होने से पहले ही परीक्षा की तारीख घोषित कर दी जाती है। छह महीने की कक्षा के बजाय दो-तीन महीने में ही परीक्षा ले ली जाती है। आधा-अधूरा सिलेबस पढ़ाकर छात्रों को परीक्षा में बैठा दिया जाता है,...