भागलपुर, अगस्त 31 -- बारसोई प्रखंड के बिशुनपुर के लोगों की परेशानी प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज, मुदस्सिर नजर बारसोई प्रखंड का बिशनपुर गांव आजादी के 79 साल बाद भी प्यास, अंधेरे और अभाव की कहानी कहता है। आठ हजार से अधिक आबादी वाला यह गांव आज भी टूटी सड़कों, बुझती बिजली, सूनी नल-जल टंकियों और शिक्षा की कमी से जूझ रहा है। यहां की महिलाएं मीलों पैदल पानी लाती हैं, किसान बारिश पर निर्भर होकर भविष्य गढ़ने का सपना देखते हैं और बच्चे उच्च शिक्षा के अभाव में पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। उम्मीदें बार-बार जगती हैं, मगर अधूरे वादों और लापरवाही की वजह से हर सपना सूखते कुएं की तरह बीच रास्ते में ही दम तोड़ देता है। बिहार-बंगाल की सीमा पर बसा बारसोई प्रखंड का बिशनपुर गांव विकास की दौड़ में आज भी पिछड़ा हुआ है। आजादी के 79 साल बाद भी यहां के लोग जर्ज...
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