औरंगाबाद, अप्रैल 22 -- जिले के विभिन्न प्रखंडों में किसान हल्दी की खेती कर जीविकोपार्जन कर रहे हैं। दो दशक पूर्व मदनपुर प्रखंड क्षेत्र का दक्षिणी इलाका हल्दी की खेती के लिए कभी मशहूर रहा है। इस इलाके में कई किसान बड़े पैमाने पर हल्दी की खेती करते थे। किसानों के पास नगदी फसल के रूप में दो ही विकल्प हुआ करते थे, पहला गन्ना और दूसरा हल्दी। इन दोनों फसलों को तैयार होने के बाद किसान बाजार में बेचकर अपनी जरूरतें पूरी कर लिया करते थे। यहां तक कि इस इलाके की हल्दी की खरीद के लिए जिले सहित अन्य जिलों के व्यापारी यहां आते थे और कच्ची हल्दी खरीद कर ले जाते थे। किसान शुरू से ही हल्दी पर एमएसपी लागू करने की मांग करते रहे लेकिन उसे अनसुना किए जाने से धीरे-धीरे हल्दी से किसानों का मोह भंग हो गया। हालांकि अब सरकार द्वारा इस पर सब्सिडी दी जा रही है। आपके ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.