औरंगाबाद, मार्च 21 -- किसानों की समस्याएं दूर नहीं की जा सकी हैं। किसान अपने आप को आर्थिक रूप से सबसे कमजोर मान रहे हैं। समाज के हर वर्ग की आय साल दर साल बढ़ रही है, लेकिन किसान कर्ज के जंजाल से बाहर नहीं निकल पा रहा है। किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य अभी कई चुनौतियों के बीच संघर्ष कर रहा है। जिले के अधिकांश किसान अब अपने बच्चों की खेती की जिम्मेदारी नहीं सौंपना चाहते हैं। भारतीय कृषि व्यवस्था में अपनी पूरी जिंदगी खपाने वाले किसान आज खेती को घाटे का सौदा बताते हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद कृषि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। किसानों का कहना है की फसल का बुआई का मौसम आते ही नकली खाद बीज का भय सताने लगता है। पूर्व के वर्षों में अनजाने में नकली खाद और बीज के प्रयोग के चलते किसानों की ...
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