एटा, जुलाई 23 -- हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं। हालात यह है कि सरकारी दस्तावेजों में पौधरोपण के लिए जमीन नहीं मिल रही है। पौधरोपण के दो माह बाद जाकर मौके पर देखा तो न तो पौधा दिखाई देता है और न ही पौधे के गड्ढा। आंकडों में ही पौधे फलते फूलते रहते हैं। अगर सही से इन पौधों की देखभाल हो जाए तो जिले की हरियाली भी बढ़ जाएगी। प्रदूषण को लेकर जो संकट रहता है उसमें भी गिरावट आ जाएगी। पौधरोपण को लेकर बोले हिन्दुस्तान के तहत शहर के युवाओं से वार्ता की तो उन्होंने अपनी बात को खुलकर रखा। पिछले दस वर्षों से पौधारोपण को लेकर रिकार्ड कायम किया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष में जिले भर में 27 लाख पौधों का रिकार्ड बनाया गया। इसमें वन विभाग के अलावा अन्य विभागों को भी लक्ष्य दिए गए थे। उन्होंने भी नर्सरी से पौधा उठाने के बाद अपनी-अपनी इतिश्री कर ली। पौधा...
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