एटा, सितम्बर 7 -- एटा। एक समय था कि लावारिस शवों को लेकर यह खबरें आम होती थी कि टायरों में रखकर जला दिया था। इस तरह की कुरीतियों को दूर करने के लिए समाज के कुछ लोगों ने संस्कार मानव सेवा समिति बनाई और इन शवों का अंतिम संस्कार करने की जिम्मेदारी उठाई। यह मानव सेवा का कार्य एक बार शुरू हुआ तो इसमें शामिल होने के लिए लोगों की लाइन लगती गई। अकेले दम पर शुरू होने वाले इस काम में आज सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हो चुके हैं। मई 2012 में यह कार्य शुरू किया गया था। पिछले पांच वर्षों में 445 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराया जा चुका है। इतना ही नहीं, अंतिम संस्कार कराने के लिए उनके तर्पण करने के लिए हरि की पौड़ी पर पहुंचकर अस्थियों का विजर्सन करते हैं। अंतिम संस्कार के लिए संस्था खुद पूरा खर्चा करती है। एटा और कासगंज के पुलिस सीधे शव को लेकर इ...
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