एटा, फरवरी 25 -- एटा जिले में बंदरों के उत्पात से लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। शहर के अलावा नगरों, कस्बों में बढ़ती बंदरों की संख्या जनमानस के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। बंदरों का उत्पात इतना है कि रात के समय में सड़कों पर निकला भी मुश्किल है। घंटाघर, हाथीगेट, रेलवे रोड पर पूरी तरह से सड़कों पर झुंड के झुंड बैठ जाते है। डर की वजह से लोग यहां पर आते जाते भी नहीं है। सर्दी के दिनों में यह बंदर रात के समय कम संख्या में दिखते हैं। जैसे ही मौसम में गर्मी होती है तो यह बंदर अपना रौद्र रूप दिखाने से नहीं चूकते। बढ़ती संख्या रोकने व पकड़ने को कोई इंतजाम नहीं है। जिम्मेदार विभाग सुनते नहीं हैं। अवागढ़, निधौली कलां और राजा का रामपुर में आए दिन बंदरों के हमलों से लोग घायल हो रहे हैं। चार वर्षों में बंदरों को पकड़ने के लिए कोई अभियान तक नहीं चला...
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