एटा, अक्टूबर 30 -- एक ओर जहां नगर पालिका परिषद ने शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हर-घर से गीला और सूखा कूड़ा डालने के लिए हरे-नीले रंग के कूड़ेदान वितरित किए। वहीं दूसरी ओर नागरिकों की लापरवाही और प्रशासनिक तालमेल की कमी इस प्रयास पर पानी फेर रही है। हर वर्ष होने वाले स्वच्छता रैकिंग में एटा का नंबर अंतिम पायदान पर आता जा रहा है। इसके पीछे हम सभी को भी नगर को स्वच्छ रखने के लिए जिम्मेदार बनना होगा। शहर के कई हिस्सों में लोग अभी भी खुले स्थानों, सड़कों के किनारे और प्लॉटों में कूड़ा फेंक रहे हैं। हिन्दुस्तान के बोले एटा अभियान के माध्यम से लोगों ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किए जाने की मांग करते हुए शहर को स्वचछ बनाए जाने की मांग की है। नगर पालिका ने घरों में डस्टबिन तो बांट दिए गए हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में डोर-टू-डोर...
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