आगरा, फरवरी 23 -- एटा। प्रदेश सरकार ने लगभग दो वर्ष पूर्व पटना पक्षी विहार को रामसर साइट घोषित कराने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। सभी आवश्यक औपचारिकताओं और मानकों की जांच के बाद इसे स्वीकृति प्रदान की गई। रामसर का दर्जा मिलने से यह आर्द्रभूमि अब अंतरराष्ट्रीय महत्व के स्थलों की सूची में शामिल हो गई है। इससे यहां संरक्षण, शोध और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रामसर साइट का नाम ईरान के शहर रामसर के नाम पर पड़ा है, जहां 2 फरवरी 1971 को आर्द्रभूमियों के संरक्षण को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में विश्व की महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों को संरक्षित करने के लिए एक संधि पारित की गई, जिसे 'रामसर कन्वेंशन' कहा जाता है। भारत सहित करीब 172 देशों ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 21 दिसंबर 1975 से प्रभावी हुआ। ...