उरई, अप्रैल 21 -- उरई। जिले में नगर से लेकर बीहड़ तक के परिषदीय स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने का भार महिला शिक्षिकाओं के कंधों पर भी है। नगर, कस्बों और बीहड़ इलाके के स्कूलों में भी इनकी तैनाती है। कहीं गड्ढेदार तो कहीं रेतीले रास्ते से होते हुए उन्हें स्कूल तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। तमाम विपरीत परिस्थतियों का सामना करते हुए शिक्षण कार्य करने वली शिक्षिकाएं सुरक्षा और सुविधाओं की मांग करती हैं पर राहत कम आश्वासन ही मिलते हैं। जिले के सरकारी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षिकाओं के सामने बच्चों को पढ़ाने के साथ कई दुश्वारियां भी हैं। तमाम ग्रामीण इलाकों में स्कूल ऐसी जगह पर हैं जहां स्वयं के साधन के बिना विद्यालय तक पहुंचना नामुमकिन है। ऐसे में शिक्षिकाओं के सामने समय से स्कूल आना-जाना किसी चुनौती से कम ...
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