उन्नाव, जून 6 -- शहर का कब्बाखेड़ा वार्ड सिविल लाइंस के नजदीक है। वीआईपी इलाका भी इसी से जुड़ा है। एक दशक पहले कब्बाखेड़ा के दक्षिण के छोर पर एक बस्ती बसनी शुरू हुई, जिसका नाम दरियाई खेड़ा नई बस्ती पड़ गया। सड़क, पानी और बिजली के नाम पर टैक्स अदा करने वाले गृह स्वामियों को अब तक कोई विशेष लाभ नहीं मिला है। मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर हैं। यहां के बाशिंदों ने आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से अपनी पीड़ा साझा की। सभी ने एकसुर में कहा कि यहां के हालात गांव से भी बदतर हैं। ड्रेनेज सिस्टम फेल होने और टूटी नालियों की वजह से हर समय जलभराव जैसी स्थिति बनी रहती है। 10 साल बाद भी शहरी सुविधाएं नसीब नहीं हो रही हैं। कब्बाखेड़ा वार्ड से जुड़ी दरियाई खेड़ा की आबादी ढाई हजार पार है। यहां पर मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। सड़क, पानी और बिजली के नाम पर सिर्फ छलावा...
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