उन्नाव, अप्रैल 21 -- परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का भविष्य संवारने में जुटीं शिक्षिकाएं कई समस्याओं से जूझ रही हैं। कहती हैं हमें हेल्पर, लेखपाल और सर्वेयर बनाकर रख दिया है। इसके अलावा मैटरनिटी लीव में भी परेशानी आती है। यदि दो साल से पहले दूसरा बच्चा हुआ तो मैटरनिटी लीव मिलना भी कठिन हो जाता है। सीसीएल के लिए भी दौड़भाग करनी पड़ती है। इसके अलावा रोजाना सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर स्कूल जाना पड़ता है। इस दौरान कई लोग हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। निराला पार्क में आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से चर्चा के दौरान महिला शिक्षकों ने अपनी पीड़ा साझा की। सभी ने एकसुर में कहा कि उनकी मंजिल को आसान बनाने के लिए घर के पास स्कूल आवंटन की सहूलियत दी जाए। जो हमारे काम हैं, वही कराए जाएं। दूसरे कामों से हमें मुक्त किया जाए। जनपद में अलग-अलग विभागों ...
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