उन्नाव, मार्च 30 -- देश में 70 के दशक में जिन लोगों के घरों में साइकिल होती थी, उनकी गिनती इलाके के रईस लोगों में होती थी। समय बदलने के साथ ही साइकिल का क्रेज धीरे-धीरे कम होता चला गया। अब साइकिल की बिक्री इतनी कम हो गई है कि ज्यादातर दुकानदारों ने इस व्यापार से किनारा कर लिया है। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से साइकिल दुकानदारों ने अपनी पीड़ा साझा की। सभी ने एकसुर में कहा कि कभी शान की सवारी कही जाने वाली साइकिल को चलाना अब कोई पसंद नहीं करता है। ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए पर साइकिल की ओर ध्यान नहीं दिया गया। जबकि, साइकिल चलाना सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। सरकार प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में जुटी है। वहीं, दशकों से प्रदूषण मुक्त और सेहतमंद बनाने वाली साइकिल से लोगों ने किनारा कर लिया। ...
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