उन्नाव, फरवरी 18 -- सफर वहीं थम जाता है, जहां ठहराव नहीं होता। उन्नाव मॉडल स्टेशन पर रेल मुसाफिरों के लिए यह कोई शायरी नहीं, उनका दर्द है। यात्री इस स्टेशन पर पहुंचते हैं सफर के लिए, लेकिन वे रह जाते हैं और ट्रेन उनके सामने से चली जाती है। कोरोना काल के अंधकार से बाहर निकलकर रेल यातायात व्यवस्था जब पटरी पर लौट रही है, तब भी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव बहाल नहीं हुआ। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से दैनिक यात्रियों ने अपनी पीड़ा साझा की। सभी ने एक सुर में कहा कि बंद मेमू का संचालन होना चाहिए और कुछ ट्रेनों का ठहराव दिया जाए। लखनऊ और कानपुर महानगर के बीच स्थित उन्नाव रेलवे स्टेशन देखने में काफी अच्छा लगता है। यहां यात्रियों की संख्या भी अच्छी खासी है। फिर भी तमाम ट्रेनें यहां नहीं रुकती हैं। इस कारण दैनिक यात्रियों को आने-जाने में परेशानिय...
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