उन्नाव, अगस्त 30 -- इस वक्त किसानों को खाद-बीज के साथ ही अन्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। वर्तमान में समितियों में पर्याप्त खाद न होनेे के कारण किसान निजी दुकानों से खाद खरीदने को मजबूर हैं। जो उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ है। जिन समितियों में खाद पहुंचती है, वहां सुबह से शाम तक किसानों को लाइन लगानी पड़ती है। इसके बाद भी खाद न मिलने पर कई किसानों को खाली हाथ ही लौटना पड़ता है। रोज समितियों के बाहर किसानों में धक्का-मुक्की और हंगामा आम बात है। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से किसानों ने खाद को लेकर अपनी समस्याएं साझा कीं। जिले में करीब आठ लाख किसान हैं। इसमें से चार लाख 52 हजार 512 किसानों को सम्मान निधि मिलती है। खाद की जरूरतें पूरी करने के लिए 158 समितियां हैं। मौजूदा समय में खाद का संकट सभी के सिर चढ़कर बोल रहा है। आलम यह है समितियों में हर र...
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