आजमगढ़, मई 14 -- रेलवे कनेक्टिविटी बेहतर न होने के कारण जिले में यात्री परिवहन बसों पर ही निर्भर हैं। ये बसें यहां के लोगों के लिए लाइफ लाइन हैं। परिवहन निगम के दो डिपो से हर दिन 500 से अधिक बसों का संचालन होता है। विभाग को रोज लाखों रुपये की आमदनी होती है। मगर यहां यात्री सुविधाओं की भारी कमी है। वाटर कूलर गर्म पानी उगल रहा है। परिसर में मूत्रालय की गदंगी बहती है। भीषण दुर्गंध में यात्रियों का खड़ा होना मुश्किल है। पूछताछ केन्द्र से बसों की समुचित जानकारी नहीं मिलती। रोडवेज परिसर में 'हिन्दुस्तान से बातचीत में चिरैयाकोट, मऊ के संतोष सिंह ने बताया कि आजमगढ़ से लखनऊ और बनारस के लिए दिनभर बसें हैं, लेकिन गाजीपुर की तरफ जाने वाले यात्रियों को बहुत परेशानी होती है। बड़ी मुश्किल से घंटों बाद बस आती है। बाहर से आने वाली बसें ठसाठस भर जाती हैं। ...
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