आगरा, फरवरी 16 -- पिनाहट (आगरा)। ग्राम पंचायतों में रोजगार सेवकों की तैनात को 19 साल हो गए। इनके पास शिकायतों का अंबार है। सबसे बड़ी मांग मानदेय की है। कई बार प्रदेश स्तर, जिला स्तर और ब्लाक स्तर पर ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई है। उनकी पीड़ा है कि आधा मानदेय तो आने-जाने, फाइल तैयार करने और फोटो बनवाने में हो खर्च हो जाता है। फिर बचता ही क्या है। घर चलाना मुश्किल हो जाता है। मानदेय के अलावा रोजगार सेवक गांवों में कार्य करने के दौरान सुरक्षा का मामला भी उठाते हैं। ग्राम पंचायतों में कार्य निपटाने के लिए सरकार ने 19 वर्ष पहले रोजगार सेवकों की तैनाती की। तैनाती के बाद से ही रोजगार सेवक संसाधनों के अभाव में कार्य करते चले आ रहे हैं। न तो उन्हें फाइल बनाने का खर्चा मिलता है और नहीं फोटो बनवाने की धनराशि। और तो और ग्राम पंच...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.