आगरा, फरवरी 22 -- आगरा। अपने हाथों से चाक पर मिट्टी को मनचाहा आकार देने वाले कुंभकारों के कारोबार पर मंदी की मार है। घर के सामने मिट्टी के बर्तन बनकर तैयार रखे हैं। पर कुंभकारों को इन बर्तनों के लिए खरीदार नहीं मिल रहे हैं। कारोबार की खराब हालात देखकर युवा पीढ़ी का इस काम से मोहभंग हो रहा है। कुंभकारों के बच्चे अब चाक चलाने के बजाय कंपनी में नौकरी करना पसंद कर रहे हैं। वजह ये है कि मिट्टी के बर्तन बेचकर इतना भी धन अर्जन नहीं हो पा रहा है कि घर का खर्चा निकल पाए। बच्चों की पढ़ाई लिखाई और दवाओं का इंतजाम हो जाए। कारोबार में आ रही गिरावट से दीपक बनाकर रोशनी बिखेरने वाले कुंभकारों के जीवन में अंधेरा छा रहा है। संवाद कार्यक्रम में कुंभकारों ने अपनी परेशानियां साझा कीं। कहा कि अगर सरकार से मदद नहीं मिली तो हाथ से मिट्टी को आकार देने वाले कुंभकारो...
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