अलीगढ़, सितम्बर 12 -- अलीगढ़, रवि सक्सेना। अलीगढ़ की रामलीला की चर्चा दूर-दूर तक होती है। मगर, समय के साथ इस रामलीला में बदलते समय के साथ बहुत से बदलाव हुए हैं। पुराने लोग बताते है कि एक दौर वह भी था जब रामलीला में मूक मंचन होता था। अब डॉल्बी साउंड के साथ भव्य मंचन किया जाता है। तब भी उत्सव को लेकर लोगों में उतना ही उत्साह था, जितना आज की रामलीला में हैं। समय के साथ रामलीला लाइट और साउंड के साथ और भव्य होती गई। 105 वर्ष से प्रतिवर्ष होने वाली रामलीला अलीगढ़ के लिए किसी पर्व से कम नहीं है। रामलीला के शुरु होते ही लोग अपना समय बांध लेते हैं। मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ रामलीला मैदान में जमा होती है। इस बार लीला का प्रसारण लोग मैदान के बाहर लगी बड़ी-बड़ी स्क्रीन पर भी देख सकेंगे। साथ ही प्रतिदिन आयोजन के हिसाब से मंच पर थीम बनाई ज...
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