नई दिल्ली, मार्च 16 -- समाज सेवा यानी दूसरे के वीरान दुनिया में रंग भरना। यह समाज के रक्षक हैं तो रंग है। कुछ ऐसा ही काम अलीगढ़ के युवाओं की एक संस्था कर रही है। किसी घर में खाने को राशन न हो, ऑपरेशन के लिए रक्त का इंतजाम न हो, गंभीर बीमारी से पीड़ित के उपचार को पैसे न हो इन सबकी भरपाई अलीगढ़ के युवाओं की संस्था कर रही है। जिसका नाम हैंड्स फॉर हेल्प है। अपने लिये जिये तो क्या जिये, तू जी, ऐ दिल, ज़माने के लिये... बॉलीवुड फिल्म बादल के इस गाने को असली मायने में अलीगढ़ के यह युवा चरितार्थ कर रहे हैं। 2010 में पढाई के दौरान इन युवाओं ने देखा की अपने लिए तो कर कोई कर रहा है। पर उनके लिए क्या जो जिनके पास पर्याप्त साधन, धन, सुविधाएं तक नहीं हैं। तब इन्होंने हैंड्स फॉर हेल्प संस्था का गठन किया। तब से इन युवाओं ने समाज सेवा का दारोमदार अपने कंधे ...
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