अयोध्या, दिसम्बर 10 -- इनसेट - आगे तो बढ़ी लेकिन अभी मंजिल बाकी है -इतिहास गवाह है कि नारी ने जब जो ठान लिया, उसको पूरा करके ही दम लिया। एक नारी दृढ़ प्रतिज्ञ हुई तो यमराज को भी उसके पति की जिंदगी वापस करनी पड़ी। वर्तमान में भी महिलाओं ने तमाम उदाहरण प्रस्तुत किया है। घर-परिवार तथा समाज और संगठन किसी की मदद कर सकता है, लक्ष्य प्राप्ति के लिए काम तो उसको ही करना पड़ेगा। इस दिशा में वर्तमान युग की चुनौतियों के सापेक्ष महिलाओं ने कदमताल करते हुए खुद को काफी बदला है। जानकारों का कहना है कि समय-काल की परिस्थिति के हिसाब से आजकल कई बार महिला कानूनों का दुरुपयोग होता है। संविधान और कानून में महिला-पुरुष समान हैं। सभी को न्याय मिले और कानून का दुरुपयोग न हो, इसके लिए ऐसे कानूनों पर एक बार पुर्नविचार होना चाहिए। शक्ति स्वरूपा महिलाओं को अपनी काबिलियत...
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