अंबेडकर नगर, दिसम्बर 16 -- रंगमंच कलाकारों की समस्याओं को लगभग पांच माह पूर्व बोले अम्बेडकरनगर में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। यह अलग बात है कि उनकी समस्याओं के निस्तारण को लेकर अब तक कोई विशेष कदम नहीं उठाया जा सका है। नतीजा यह है कि रंगमंच कलाकारों की समस्याएं जस की तस बनी हैं। जिले में कहीं भी सरकारी ऑडिटोरियम नहीं है। जो रंगमंच कलाकार देश विदेश में जिले का नाम रोशन कर रहे हैं, उन्हें सम्मानित करने या फिर विशेष दर्जा दिए जाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम युवा ऐसे हैं, जो रंगमंच के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारना चाहते हैं, लेकिन उन्हें कोई बेहतर मौका नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की प्रतिभा गांव की सीमा में ही दम तोड़ दे रही हैं। कभी रंगमंच पर अपना जलवा बिखेरने वाले कई कला...