अंबेडकर नगर, नवम्बर 28 -- अलग अलग खेल में अपनी प्रतिभा निखारने में लगे युवाओं की समस्याओं को बीते दिनों बोले अम्बेडकरनगर में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। उस समय जिम्मेदारों ने आश्वस्त भी किया था कि स्थानीयस्तर की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में तीन सौ से अधिक खेल मैदान का निर्माण तो कराया गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में मौजूदा समय में किसी भी मैदान का अस्तित्व ही नहीं रह गया है। कारण यह कि ग्राम प्रधान बजट का अभाव होने का हवाला देते हुए इनकी देखरेख करने से हाथ खड़ा कर दे रहे हैं। जिले के ज्यादातर स्कूल व कॉलेजों में या तो खेल मैदान ही नहीं है और यदि है भी तो वहां समुचित व्यवस्थाएं नहीं हैं। इसके बाद भी खेल फीस के ना...