अंबेडकर नगर, जुलाई 26 -- जिले के सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या निजी स्कूलों की तुलना में काफी कम है। इसका बड़ा कारण यह है कि जो व्यवस्थाएं निजी स्कूलों में छात्रों को मिलती है, वह सरकारी स्कूलों में नहीं मिल पा रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ज्यादातर सरकारी स्कूलों में शतप्रतिशत शिक्षकों की तैनाती नहीं है। इसके अलावा कहीं खेल मैदान नहीं है, तो कहीं बाउंड्रीवॉल नदारद है। डिजिटल लाइब्रेरी ज्यादातर सरकारी स्कूलों में नहीं है। इससे छात्रों को महंगे दाम पर पुस्तकें खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। ज्यादातर स्कूलों में जलभराव भी एक बड़ी समस्या लंबे समय से बनी हुई है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से हल्की बारिश होने पर ही जलभराव हो जाता है। इससे सबसे अधिक दिक्कत छात्राओं व शिक्षिकाओं को होती है। बोले अम्बेडकरनगर:सुविधाएं सीमित...
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