खगडि़या, फरवरी 17 -- परबत्ता । एक प्रतिनिधि प्रखंड के सौढ़ उत्तरी पंचायत के कोरचक्का गांव स्थित वार्ड 7 में दशकों बाद भी पक्की सड़क आज तक नहीं बनी है। हाल यह है कि बारिश के मौसम में तक़रीबन तीन माह स्थानीय ग्रामीणों को कीचड़ होकर गुजरना नियति बनी हुई है। हालांकि पंचायत, विधानसभा व लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार - प्रसार के लिए आए नेताओं द्वारा आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लिया जाता है। पर, चुनाव जीतने के बाद आज तक किसी ने इस गांव के विकास की ओर ध्यान दिया। कोरचक्का के ग्रामीण अपने को छला महसूस कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 1956 में गंगा के कटाव से पुराना कोरचक्का गांव गंगा में समा गई। गांव के गंगा में समाने के उपरांत पीड़ित परिवार सड़क किनारे खेत खलिहान आदि में अपनी झुग्गी व झोपड़ी बनाकर गुजर बसर करने लगे। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद...