पटना, जनवरी 10 -- थैलेसीमिया पीड़िता छह बच्चे बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए वेल्लोर जाएंगे। यह पीड़ित बच्चों का चौथा बैच होगा। इससे पहले अलग-अलग समय में 26 बच्चों का सफलतापूर्वक इलाज हो चुका है। नया बैच 13 जनवरी को रवाना होगा। इनमें मधुबनी, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, सीतामढ़ी, खगड़िया, पूर्वी चंपारण से एक-एक बच्चे शामिल हैं। सरकार एक बच्चे के इलाज पर 15 लाख रुपये खर्च करती है। योजना के तहत अभी तक 26 बच्चों में सफलतापूर्वक बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो चुका है। राज्य स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि बीएमटी के लिए जाने वाले बच्चे अपने परिजनों के साथ तीन महीने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की देखरेख में वेल्लोर में रहेंगे। इसके बाद उनकी वापसी होगी। पदाधिकारियों ने बताया कि इलाज के बाद लौटने वाले बच्चों को दो साल तक नियमित जांच के लिए सीएमसी जाना होग...
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