नई दिल्ली, जून 30 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बोधगया मंदिर अधिनियम की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार से सोमवार को इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट का रुख करने को कहा। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ के समक्ष बोधगया मंदिर अधिनियम, 1949 की वैधता को चुनौती दी गई थी। पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से याचिका में उठाए गए मुद्दे के बारे में पूछा। वकील ने कहा कि मैंने (याचिकाकर्ता) अनुरोध किया है कि बोधगया मंदिर अधिनियम को अवैध बताते हुए रद्द किया जाए। पीठ ने पूछा कि आप यह मामला हाईकोर्ट के समक्ष क्यों नहीं उठाते? पीठ ने कहा कि हम याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं, आपको हाईकोर्ट जाने की छूट दी जाती है। यह है मामला बोधगया मंदिर अधिनियम, 1949 मंदिर के बेहतर प्रबंधन से जुड़ा है। इस साल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.