रांची, फरवरी 18 -- आवारा कुत्तों को पकड़ कर पुन: उसी स्थान पर नहीं छोड़ने और उन्हें आश्रयगृहों में रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यवस्था करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर झारखंड सरकार ने आपत्ति जताई है। आपत्ति के पीछे कई तर्क देते हुए झारखंड सरकार ने फैसला लिया है कि कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर नगर विकास और आवास विभाग ने आदेश जारी किया है। विभाग का तर्क है कि कोर्ट के पारित आदेश को लागू करने से राज्य सरकार पर अत्यधिक वित्तीय बोझ बढ़ने की संभावना है। अनुमानित तौर पर झारखंड में करीब 5 लाख कुत्तों की आबादी है। यह आबादी बड़े शहरी केंद्रों पर ज्यादा घनत्व में स्थित, लगभग 50 प्रतिशत कुत्ते शहरी क्षेत्र में ही रहते हैं। ऐसी परिस्थिति में इतनी बड़ी संख्या में इन कुत्तों को आश्रयगृहों में रखे ...
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