अलीगढ़, जनवरी 27 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए अब छापेमारी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा अनिवार्य कर दिया गया है। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने विजिलेंस और विभागीय जांच टीमों के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत घर या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जांच या छापेमारी के दौरान टीम के सदस्यों को बॉडी वॉर्न कैमरा पहनना अनिवार्य होगा और पूरी कार्रवाई रिकॉर्ड की जाएगी। विभाग को ये कैमरे उपलब्ध करा दिए गए हैं। प्रबंधन के निर्देशानुसार कार्यालय से रवाना होने के साथ ही जांच और छापेमारी से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि कैमरे में कैद की जाएगी। टीम के परिसर में प्रवेश, मीटर और कनेक्शन की जांच, मौके पर की गई कार्रवाई और वापसी तक का पूरा विवरण रिकॉर्ड में रहेगा। अधिकारिय...