बांदा, फरवरी 2 -- बांदा। संवाददाता वर्ष 2024 में मंडल कारागार बांदा आने के बाद स्क्रैप माफिया बैरक नंबर तीन ए में निरुद्ध रहा है। जेल सूत्रों अनुसार इस बैरक में करीब 25 से 30 बंदी निरूद्ध रहे हैं। उसके आने के बाद सतर्कता बरती गई लेकिन धीरे धीरे माफिया बंदयों पर रौब गांठने लगा था। जिससे उसकी बैरक में निरूद्ध बंदी डरने लगे थे। उसके प्रभाव में आकर कई बंदी उसकी सेवा में लगे रहते थे। चर्चा तो यह भी है कि उसकी खुशामद में जेल अफसर भी लगे थे हालांकि यह सब जांच के बाद ही साफ हो सकेगा। वही जेल अधीक्षक ने इस तरह की बातों को लेकर इंकार किया है। कहा जेल में किसी के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं होती है। वहीं, मामले की जांच कर रहे डीआइजी प्रयागराज जोन राजेश श्रीवास्तव ने जेल अधीक्षक से मामले को लेकर पूछताछ की। जिसमें जेल अधीक्षक ने जांच अधिकारी से अपना प...