बरेली, अक्टूबर 12 -- बरेली। जंकफूड के साथ ही गलत तरीके से देर तक बैठना युवाओं में आर्थराइटिस (गठिया) बढ़ा रहा है। पहले जोड़ों का दर्द बुढ़ापे की बीमारी माना जाता था, पर अब यह तेजी से युवाओं को भी अपनी गिरफ्त में ले रहा है। अब 25 से 45 वर्ष के युवा भी इस समस्या का शिकार हो रहे हैं। इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 12 अक्तूबर को वर्ल्ड आर्थराइटिस डे मनाया जाता है। वरिष्ठ आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विनोद पागरानी ने बताया कि युवाओं में गठिया के कारणों में सबसे प्रमुख है गतिहीन जीवनशैली। घंटों तक डेस्क पर बैठे रहना या डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग करना शारीरिक गतिविधि को कम कर रहा है, जिससे जोड़ों पर दबाव बढ़ता है। लंबे समय तक झुककर काम करने या खराब मुद्रा में बैठने से गर्दन, पीठ और कलाई के जोड़ों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। इसके अला...
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