सिमडेगा, जुलाई 27 -- सिमडेगा। बरसात शुरू होते ही बाजारों से हरी सब्ज़ियां लगभग गायब हो गई है। बरसात के कारण हरी सब्ज़ियों की सप्लाई पर असर पड़ा है। जो सब्ज़ियां बाजार में उपलब्ध हैं, उनके दाम आसमान छू रहे हैं। ऊपर से सावन का महीना होने के कारण नॉनवेज भी लोगों की थाली से दूर है। जबकि स्वादिष्ट सब्ज़ी की तलाश हर किसी को है। ऐसे में लोगों के सामने स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखना चुनौती बन गया है। लेकिन इन सबके बीच बैंगलोर से आई ऑफ़ सिजनली जोकी की सब्जी लोगों के लिए राहत का जरिया बनकर उभरी है। वैसे तो ऑफ सीजन जोकी बाजार में चर्चा का भी विषय बना हुआ है। लेकिन इसका स्वाद लोगों को अब ललचाने लगा है। थोक एवं खुदरा सब्ज़ी विक्रेता भरत प्रसाद बताते हैं कि जिले में रोजाना तीन हजार किलो जोकी की खपत हो रही है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में इसकी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.