एटा, फरवरी 24 -- दादी मां-पापा, बुआ और छात्रवृति में मिले पैसे को बचाकर बैंक में सजोय कर रख दिए। बिटिया के इस पैसे पर भी बैंक की नजर पड़ गई। बैंक ने इसमें डेविड कार्ड का टैक्स बताकर 800 रुपया काट लिया। बालिग होने से पहले एटीएम जारी न होने की बात कह कर जब बैंक के उच्चाधिकारियों को बताया गया तो मुश्किल से पैसा वापस मिल सका है। पैसा मिलने के बाद वह काफी खुश है। इस पैसे के लिए वह बैंक के सिस्टम से लड़ गई। जैथरा के मोहल्ला पालीवालान निवासी प्राप्ती पाठक जब कक्षा नौ में आई थी तो उसे छात्रवृत्ति मिलनी थी। इसके लिए जैथरा की ही कैनरा बैंक में उसका खाता पिता अनुग्रहीत कुमार पाठक ने खुलवा दिया। प्राप्ती अपनी पढाई करती रही। उसके छात्रवृति मिलती रही। इसके उसमें कोई पैसा नहीं निकाला गया। घर और रिश्तेदारियों में मिलने वाला पैसे ही वह अपने बैंक खाते में ...