अलीगढ़, दिसम्बर 18 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने वाला बीमा संशोधन विधेयक देश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था, श्रमिक अधिकारों और आर्थिक संप्रभुता पर सीधा हमला है। ट्रेड यूनियनों का स्पष्ट मत है कि इस विधेयक को किसी भी रूप में संशोधित नहीं, बल्कि पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए। जिला सयोजक, जिला मंत्री प्रदीप चौहान ने कहा कि बीमा कोई सामान्य व्यापारिक वस्तु नहीं है, बल्कि यह जीवन, स्वास्थ्य, वृद्धावस्था और रोज़गार सुरक्षा से जुड़ा हुआ एक सामाजिक दायित्व है। 100% एफडीआई की अनुमति का अर्थ बीमा क्षेत्र को पूरी तरह मुनाफ़े के तर्क के अधीन कर देना है, जिससे ग्रामीण, गरीब और उच्च जोखिम वाले वर्गों की उपेक्षा तय है। ललित शर्मा ने चेतावनी दी कि विदेशी पूंजी के पूर्ण नियंत्रण से सार्वजनिक...