लखनऊ, फरवरी 11 -- नर्सिंग शोध स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाता है। यदि नर्सिंग प्रैक्टिस को शोध आधारित बनाया जाए तो मरीजों को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और मानवीय देखभाल मिल सकती है। यह सलाह कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने दी। वह बुधवार को केजीएमयू के नर्सिंग कॉलेज की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। सम्मेलन में देशभर से आए नर्सिंग शिक्षकों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि अस्पतालों में नर्सें मरीजों के सबसे करीब होती हैं। ऐसे में उनके अनुभव स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने का मजबूत आधार बन सकते हैं। इन अनुभवों को वैज्ञानिक शोध और प्रमाण आधारित तथ्यों से जोड़ना समय की जरूरत है। डीन नर्सिंग एंड पैरामेडिकल डॉ. केके सिंह ने साक्ष्य आधारित अनुसंधान के बीच ...