समस्तीपुर, जून 19 -- पूसा। अगले वर्ष लीची की अच्छी उपज व गुणवत्तायुक्त फल की चाहत हो तो तो अभी से बागों का समुचित प्रबंधन जरूरी है। डॉ.राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विवि से जुड़े कृषि विज्ञान केन्द्र, बिरौली के उद्यानिकी विशेषज्ञ डॉ.धीरू कुमार तिवारी ने कहा कि लीची की तुड़ाई लगभग पूरी हो चुकी है। वर्तमान में बाग की कटाई-छंटाई व पोषक तत्व प्रबंधन की जरूरत है। कटाई-छंटाई के तहत घनी व सूखी टहनियों को हटाना सही होगा। इससे सूर्य की रौशनी पेड़ की सभी भागों में पहुंचने लगेगी। जिससे मंजर अधिक आने के साथ कीटों का नियंत्रण भी होगा। इसके बाद 10 वर्ष या उससे अधिक पुराने लीची के पौधों में प्रति पेड़ 800 ग्राम नाइट्रोजन, 800 ग्राम फास्फोरस एवं 600 ग्राम पोटाश से पेड़ का पोषण किया जाना चाहिए। साथ ही प्रति पेड़ 50 किग्रा गोबर खाद भी देना आवश्यक होता है। खाद ...
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