शामली, फरवरी 25 -- थानाभवन नक्षत्र के गांव बनेड़ा उड़ा में आयोजित सुंदरकांड में महाराज ने कहा कि भगवान शिव का त्रिदेव रूप बेलपत्र में होता है। बेलपत्र का वृक्ष औषधीय वृक्ष है। इस दौरान उन्होंने भगवान श्री राम के प्रति हनुमान की भक्ति का भी वर्णन किया। थानाभवन क्षेत्र के गांव भनेड़ाउद्दा में सुन्दर काण्ड में प्रवचन करते हुए दिव्य योगी राज राजेश्वर महाराज ने कहा कि भगवान हनुमान का सर्वस्व जीवन श्री राम की भक्ति को समर्पित है। भक्ति, किसी व्यक्ति या चीज़ के प्रति वफ़ादारी और प्यार या देखभाल समर्पण एवं श्रद्धा और प्रेमपूर्वक इष्ट देवता के प्रति आसक्ति. ही भक्ति कहलाती हैं। भक्ति शब्द का प्रयोग किसी के प्रति समर्पण के लिए किया जाता है। स्कन्द पुराण के अनुसार माता पार्वती के पसीने से बेलपत्र के पेड़ की उत्पत्ति हुई थी। एक समय माता पार्वती को लल...
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