चतरा, सितम्बर 29 -- पत्थलगड्डा, प्रतिनिधि। रविवार को यानि नवरात्र के षष्ठी तिथि को शाम में बेल वृक्ष की विशेष पूजा की गई। दुर्गा पूजा में बेलपत्र का अत्यधिक महत्व माना जाता है, क्योंकि यह मां दुर्गा को धरती पर आमंत्रित करने का पवित्र प्रतीक है। बेलपत्र को माँ दुर्गा और भगवान शिव का निवास माना जाता है, जो शक्ति और समृद्धि का प्रतीक है। आचार्य अक्षयवट दयाल शर्मा ने बताया कि बेलपत्र की पूजा से पापों से मुक्ति मिलती है और भक्तों को देवी-देवताओं का आशीर्वाद, सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। आगे उन्होंने बताया कि बेलपत्र निमंत्रण के दिन बेल वृक्ष को देवी दुर्गा का निवास मानकर उन्हें पृथ्वी पर पधारने का निमंत्रण दिया जाता है। बेलपत्र को माँ दुर्गा और भगवान शिव दोनों से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस दिन से विजयादशमी तक शिव और आदिशक्ति ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.