हाजीपुर, अक्टूबर 30 -- महुआ,एक संवाददाता। कार्तिक महीने में हो रही बे-मौसम बारिश ने धान उत्पादकों की बेचैनी बढ़ा दी है। बारिश से धान की फसल पर व्यापक असर पड़ रहा है। खासकर जिन किसानों ने धान की फसल को काट रखी थी। उसमें के लिए तो यह बारिश कहर के समान साबित हो रहा है। किसानों ने गुरुवार को बताया कि खेत में कटे धान में बारिश पड़ने से वह अंकुरित हो जाएगी। जिससे वह कोई काम लायक नहीं रहेगा। मोंथा तूफान के कारण दो दिनों से यहां मौसम का मिजाज बदला हुआ है और रिमझिम फुहारा पड़ रही है। जिसके कारण सबसे ज्यादा धान उत्पादकों की बेचैनी बढ़ गई है। उनका कहना है कि ऐसे जो खेत में धान की फसल लगी है। उसके लिए तो कोई बात नहीं है। जबकि जिन किसानों ने फसल को काटकर खेत में छोड़ रखी है। वह खराब हो जाएगी। इस समय करीब 50 फीसद किसान धान की कटनी कर खेतों में छोड़ रखे...
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