देहरादून, अगस्त 21 -- अब तक भरण भोषण अधिनियम में अधिकांश बार मां-बाप के पक्ष में ही फैसले आते रहे हैं, मगर देहरादून में पहली बार ऐसा मामला सामने आया, जिसमें शिकायतकर्ता (सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी) के बेटा-बहू पर उत्पीड़न और मारपीट के आरोप झूठे निकले हैं। डीएम कोर्ट ने बेटे-बहू के पक्ष में फैसला सुनाया और भरण-भोषण अधिनियम का वाद खारिज किया। शिकायतकर्ता पहले कार से डीएम कार्यालय पहुंचे, फिर परिसर में ही मौजूद व्हीलचेयर में बैठकर डीएम को अपने उत्पीड़न की झूठी कहानी सुनाई। जांच में पता चला कि वे चलने-फिरने में सक्षम हैं।व्हीलचेयर में पहुंचा पिता दरअसल, शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त अफसर जुलाई में डीएम के जनता दरबार में व्हीलचेयर पर पहुंचे थे। उन्होंने डीएम से गुहार लगाई थी कि बेटा-बहू उनसे मारपीट करते हैं। उन्होंने भरण पोषण अधिनियम में वाद दाखि...
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