नई दिल्ली, जनवरी 15 -- सुप्रीम कोर्ट ने बेटे को इच्छामृत्यु देने के अनुरोध वाली पिता की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। 31-वर्षीय व्यक्ति 12 साल से अधिक समय से कोमा में है। पिता ने कृत्रिम जीवन रक्षक उपकरण हटाने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी और याचिकाकर्ता (पिता) अशोक राणा का प्रतिनिधित्व कर रहीं अधिवक्ता रश्मी नंदकुमार की दलीलें करीब एक घंटे तक सुनीं। याचिका के मुताबिक, हरीश राणा 2013 में एक इमारत की चौथी मंजिल से गिर गए थे और उनके सिर में गंभीर चोट आईं थी। वह पिछले 12 साल से अधिक समय से कृत्रिम जीवन रक्षक प्रणाली के सहारे हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि परिजनों के अनुसार, यदि उपचार प्रभावी साबित...
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