शेर सिंह गड़िया, जनवरी 21 -- किश्तवाड़ में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह गड़िया के अंतिम दर्शन के लिए बुजुर्ग माता-पिता को चार किमी पैदल चलना पड़ा। शहीद के गांव तक सड़क न होने से पार्थिव शरीर वहां नहीं पहुंचाया जा सका। बुजुर्ग माता-पिता पहले चार किलोमीटर पैदल औऱ फिर 13 किलोमीटर गाड़ी से चलकर पहुंचे, तब बेटे के अंतिम दर्शन कर पाए। रविवार को बीथी पन्याती गांव के मूल निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह गड़िया जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर को गांव लाया जाना था, लेकिन गांव तक सड़क नहीं होने से यह संभव नहीं हो पाया। ऐसे में पार्थिव शरीर को कपकोट डिग्री कॉलेज के मैदान में लाया गया। गांव से उनकी माता चंद्रावती देवी और पिता धन सिंह करीब चार किली पैदल चलकर सड़क तक पहुंचे। इसके बाद 13 किलोमीटर वाहन...
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