नई दिल्ली, जनवरी 15 -- दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को सख्त आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने कहा एक कल्याणकारी राज्य में बेघर लोगों के साथ-साथ अस्पतालों में इलाज का इंतजार कर रहे लोगों को भी रहने के लिए पर्याप्त जगह देना सरकार का कर्तव्य है।कोर्ट ने खुद लिया मामले में संज्ञान मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय एवं न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने राजधानी के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ठंड की लहर के कारण पैदा हुई मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त रात का आश्रय प्रदान करें। उच्च न्यायालय ने कहा कि अधिकारी फंड या किसी अन्य संसाधन की कमी का हवाला दे कर्तव्य से बच नहीं सकते। खासकर उन लोगों को जो अस्पतालों में आते हैं। पीठ ने यह आदेश एक स्वतः संज्ञान याचिका पर दिया है। पीठ ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज का इंतजार ...