हाथरस, फरवरी 19 -- सासनी। फरवरी के महीने में गुरुवार को मौसम के मिजाज ने अचानक बदल गया हैं । आसमान में छाई काली घटाएं छाने के साथ सर्द हवाओं ने आम लोगों को तो राहत दी है, लेकिन खेतों में लहलहाती फसलों को देख रहे किसानों की धड़कनें तेज कर दी हैं। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की आशंका ने अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं। मौसम के बदलाव के साथ अन्नदाता की धड़कनें बढ़ गई हैं। वर्तमान में आलू, सरसों, दलहन की फसलें कटाई के लिए तैयार खड़ी है। जबकि गेहूं जों की फसल पकने की ओर है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय होने वाली तेज बारिश या ओलावृष्टि फसलों के लिए घातक साबित हो सकती है। गेहूं, जों तेज हवा के साथ बारिश होने पर जों,गेहूं की फसल गिर सकती है, जिससे दानों की गुणवत्ता खराब हो जाएगी। यदि बारिश होती है तो आलू की फसल प्रभा...