अररिया, फरवरी 7 -- फारबिसगंज, एक संवाददाता। फारबिसगंज शहर के वार्ड संख्या 17 स्थित समाजसेवी राम प्रकाश प्रसाद के जानकी सदन आवासीय परिसर में आयोजित आठ दिवसीय श्री मद भागवत कथा के छठे दिन शुक्रवार को भक्ति की अविरल धारा बही। कथा के छठे दिन व्यासपीठ पर बैठे कथावाचक आचार्य पंड़ित नारायण शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण के रास रहस्य, अक्रूर आगमन, कंस वध और भगवान के रुक्मिणी मंगल (विवाह) के प्रसंगों का सजीव वर्णन किया। कंस वध से हुआ अधर्म का अंत कथा के दौरान जब कंस वध का प्रसंग आया, तो समूचा पंडाल 'जय श्री कृष्णा' के जयघोष से गूंज उठा। कथावाचक श्री शर्मा ने बताया कि जब-जब धरती पर अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा मथुराहंता कंस का वध करना इसी का प्रतीक है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अं...