गढ़वा, फरवरी 17 -- भवनाथपुर, प्रतिनिधि। आदिम जनजाति परिवार के लोग तमाम दावों के बीच अपने उत्थान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रखंड मुख्यालय से महज 8 किमी दूर अरसली उत्तरी पंचायत के लहराहा टोला आजादी के 75 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। गरीबी व बदहाली के आलम से गुजर कर रहे लहराहा टोला के आदिम जनजाति के लोगों के बीच समुचित सड़क, पानी व रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। करीब 50 घर वाले करीब 200 की आबादी वाला इस टोला के विकास का अंदाजा इस बात से ही भी लगाया जा सकता है कि यहां आज भी तालाब पानी पीने को मजबूर हैं। जल मीनार भी कई वर्षों से खराब पड़ा हुआ है। टोला तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क तक नहीं है। पूर्व मुखिया द्वारा टाऊनशिप से लहराहा तक डेढ़ किलोमीटर मनरेगा से सड़क बनवाया था। वह भी अधूरा रह गया। टोला में मुख्य सड़क नहीं होने के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.