कानपुर, अक्टूबर 12 -- बाबा साहब ने बौद्ध धम्म की दीक्षा, अनुयायियों ने ली थी प्रतिज्ञा सामाजिक समानता और न्याय के आधार पर नई पहचान बनाने को उठाया कदम कानपुर, वरिष्ठ संवाददाता। सामाजिक संगठनो का संयुक्त मंच ने रविवार को कल्याणपुर स्थित बुद्धा पार्क मे धम्म दिवस मनाया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवकों ने प्रतिज्ञा ली। मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकान्त चन्दन ने बताया कि 14 अक्तूबर 1956 को डॉ. बाबा साहब अंबेडकर ने नागपुर की दीक्षाभूमि में अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी। बौद्ध धम्म में असमानता, ऊंच-नीच, छुआ-छूत, मानव-मानव में भेद, पाखंडवाद जैसे कुरीतियां नहीं हैं। यह वैज्ञानिक दृष्टी कोण वाला धम्म है। उन्होंने सामाजिक समानता और न्याय के आधार पर एक नई पहचान बनाने के लिए यह कदम उठाया था। उनके अनुयायियो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.