सहारनपुर, फरवरी 5 -- क्षेत्र में शब ए बारात का पर्व अपार श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्रिस्तानो में जाकर अपने पूर्वजों की कब्र पर फातिहा पढ़ा। मंगलवार की देर शाम नकुड रोड स्थित बनी वाले कब्रिस्तान, दरगाह जमालिया स्थित कब्रिस्तान, अंबाला रोड स्थित हजरत मखदूम साहब वाले कब्रिस्तान, रामनगर स्थित पठानों वाले कब्रिस्तान आदि में मुस्लिम वर्ग के लोगों ने कब्रिस्तान को साफ-सुथरा किया, और सुंदर लाइट लगाकर कब्रों पर फातिहा पढ़ा और मुल्क के अम्नो अमान की दुआएं की। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना तय्यब ने शब ए बारात का जिक्र करते हुए कहा कि शब- ए- बारात दो शब्दों, शब और बारात से मिलकर बना है, जहाँ शब का अर्थ रात होता है वहीं बारात का मतलब बरी होना होता है। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार यह रात साल में एक बार शाबान महीने की 14 ता...